अटलांटा: इसे कहते हैं फुटबॉल का असली रोमांच! फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में कल रात एक ऐसा मुकाबला खेला गया, जिसे सालों तक याद रखा जाएगा। डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना एक समय टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर खड़ी थी, लेकिन आखिरी 11 मिनटों के भीतर मैच का पासा ऐसा पलटा कि अटलांटा का स्टेडियम दर्शकों के शोर से गूंज उठा। अर्जेंटीना ने मिस्र (Egypt) को एक बेहद कड़े और सांसें रोक देने वाले मैच में 3-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट पक्का कर लिया है।
जब मिस्र ने उड़ा दिए थे अर्जेंटीना के होश
मैच की शुरुआत से ही मिस्र की टीम बेहद अनुशासित और आक्रामक नजर आ रही थी। खेल के 15वें मिनट में ही मिस्र के यासर इब्राहिम ने एक शानदार हेडर के जरिए गोल दागकर अर्जेंटीना को बैकफुट पर धकेल दिया।
अर्जेंटीना के पास वापसी का एक सुनहरा मौका था जब निकोलस टैगलियाफिको को बॉक्स के अंदर गिराए जाने पर पेनल्टी मिली। खुद कप्तान लियोनेल मेसी गेंद को नेट में डालने आए, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शोबेइर ने अपनी बाईं ओर शानदार डाइव लगाकर मेसी की पेनल्टी को रोक दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक मिस्र 1-0 से आगे था।
दूसरे हाफ में भी कहानी नहीं बदली। 67वें मिनट में मोहम्मद सलाह के एक बेहतरीन पास को मोस्टफा जीको ने अर्जेंटीना के गोलकीपर एमी मार्टिनेज के ऊपर से नेट में पहुंचाकर मिस्र की बढ़त को 2-0 कर दिया। ऐसा लगने लगा था कि विश्व चैंपियन का सफर यहीं थमने वाला है।
आखिरी 11 मिनट: इतिहास की सबसे जादुई वापसी
जब अर्जेंटीना के फैंस उम्मीद खो चुके थे, तब मैदान पर ‘अल्बीसेलेस्ते’ का वो रूप देखने को मिला जिसके लिए वे जाने जाते हैं:
- 79वां मिनट (उम्मीद की किरण): मेसी के एक सटीक कॉर्नर पर क्रिस्टियन रोमेरो ने जोरदार हेडर लगाकर स्कोर को 2-1 किया और टीम में जान फूंक दी।
- 83वां मिनट (मेसी का कमबैक): अपनी पेनल्टी चूकने का दर्द भूलकर लियोनेल मेसी ने जूलियन अल्वारेज़ के पास पर एक बेहतरीन हाफ-वॉली के जरिए मिस्र के डिफेंडरों को छकाते हुए बराबरी का गोल दाग दिया (2-2)। यह मेसी का वर्ल्ड कप इतिहास में रिकॉर्ड 21वां गोल था।
- 92वां मिनट (जीत का वो पल): मैच जब इंजरी टाइम में था, तब लुटारो मार्टिनेज के बेहतरीन क्रॉस पर उड़ते हुए एंजो फर्नांडीज ने बुलेट हेडर के जरिए गेंद को गोलपोस्ट के ऊपरी कोने में डाल दिया। यह न सिर्फ अर्जेंटीना का विनिंग गोल था, बल्कि वर्ल्ड कप इतिहास का 3,000वां गोल भी था।
आंसुओं में डूबा मैदान
जैसे ही रेफरी ने फाइनल व्हिसल बजाई, लियोनेल मेसी मैदान पर ही भावुक हो गए और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने मैच के बाद कहा, “मैं इस समय बेहद भावुक हूं। मेरे खिलाड़ियों ने जो जज्बा दिखाया है, उसकी तारीफ के लिए शब्द कम हैं।”
दूसरी ओर, मिस्र के खिलाड़ी और उनके फैंस पूरी तरह टूट चुके थे। मिस्र के गोलकीपर शोबेइर ने निराश होकर कहा, “हम जीत के बेहद करीब थे, लेकिन बड़े मैचों में छोटी-छोटी गलतियां भारी पड़ जाती हैं।”
अब क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना का मुकाबला स्विट्जरलैंड से होगा, जिसने कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई है।
