



सोनभद्र। जिला मुख्यालय मारकुंडी घाटी में स्कूली बच्चों से भरी बस का ब्रेक फेल होने से बड़ा हादसा टल गया। ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को पहाड़ की तरफ मोड़ दिया, जिसके बाद बस पहाड़ से टकराकर रुक गई। हादसे में बस में सवार सभी बच्चे सुरक्षित हैं।
मारकुंडी पुरानी घाटी में चुर्क स्थित स्वामी हरसेवानन्द पब्लिक स्कूल की स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को लेकर जा रही बस का अचानक ब्रेक फेल हो गया। बस में मारकुंडी, सलखन, पटवध और चोपन समेत आसपास के क्षेत्रों के बच्चे सवार थे।दुर्गा मंदिर के पास दूसरे मोड़ पर ब्रेक फेल होने के बाद बस अनियंत्रित होने लगी। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को घाटी की तरफ मोड़कर पहाड़ से टकराते हुए रोक दिया।
हादसे के बाद सभी बच्चों को दूसरी बस से सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया। बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी मिलते ही अभिभावकों ने राहत की सांस ली। वहीं, अभिभावकों ने पुरानी स्कूली बसों की जांच कराने और पुरानी बसों की जगह नई बसों का संचालन कराने की मांग की है। हैरत की बात यह रही कि आज ही जनपद में नवागत एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधा सिंह ने कार्यभार संभालते ही ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान की शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान ओवरलोड ट्रकों को सीज किया गया, जबकि कई वाहनों का चालान किया गया। अभियान के दौरान स्कूली वाहन के अलावा अन्य वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC), टैक्स और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जिन वाहनों में नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। संभागीय प्रवर्तन अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने या प्रवर्तन टीम के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आज हुए इस हादसे ने जिले के एआरटीओ विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा किया है क्योंकि अभी जुलाई माह में ही मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश पर सभी जनपदों के स्कूली बसों का फिटनेस परीक्षण का काम किया गया है। ऐसे में सोनभद्र में चल रही खटारा बसों में स्कूली बच्चो की जान से खिलवाड़ क्यो किया जा रहा है।
