
ओबरा। देश के महान समाजवादी नेता और गरीबों, शोषितों के मसीहा अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद का 52वां शहादत दिवस कुशवाहा समाज भवन ओबरा में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। जिसमें सर्व प्रथम समाज के संरक्षक देव प्रकाश मौर्या, सुरेश कुमार मौर्या और गया नाथ कुशवाहा के साथ अध्यक्ष डॉ अमित सिंह कुशवाहा, सचिव अनिल कुमार सिंह के साथ सभी पदाधिकारियों ने मिलकर बाबू जगदेव प्रसाद के फोटो पर माल्यार्पण कर नमन अर्पित किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ अमित सिंह कुशवाहा ने बताया कि बाबू जगदेव प्रसाद का जन्म 2 फरवरी 1922 को जहानाबाद में हुआ था। उन्हें भारत का लेनिन कहा जाता है। उन्होंने अपना पूरा जीवन दलित, पिछड़े और वंचित समाज के हक की लड़ाई में लगा दिया। उनका दिया गया नारा “सौ में नब्बे शोषित है, नब्बे भाग हमारा है, दस का शासन नब्बे पर, नहीं चलेगा, नहीं चलेगा” आज भी लोगों की जुबान पर है। जगदेव बाबू ने समाज के दबे कुचले लोगों को एकजूट कर सरकार को नियमों में बदलाव करने को मजबूर भी किया और रोका भी था। आज हमे उनके पदचिह्नो पर चल एकजुट होना चाहिए जिससे कि हमे कोई नीचे न गिरा सके।कार्यक्रम का संचालन कुशवाहा समाज के सचिव अनिल कुमार सिंह ने किया। मंटू कुमार ने अमर शहीद जगदेव प्रसाद की जीवनी का उल्लेख करते हुए बताया कि 5 सितंबर 1974 को अरवल जिले के कुर्था प्रखंड मुख्यालय पर शोषित समाज दल के बैनर तले हजारों लोगों के साथ वे आंदोलन कर रहे थे। तभी पुलिस ने उन पर गोली चला दी, जिससे वे शहीद हो गए। उस समय उनके साथ छात्र लक्ष्मण चौधरी भी शहीद हुए थे। राजेश कुमार सिंह ने उनके मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। रमिता मौर्या और मनोरमा मौर्या ने बाबू जगदेव प्रसाद पर शहादत गीत प्रस्तुत किया। योगिता सिंह ने बाबू जगदेव प्रसाद के बलिदान के बारे में बताकर बच्चों को उनके मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। साथ ही अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद पर निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया और सभी प्रतिभागियों को समाज के संरक्षक द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित राम गहन सिंह, सूर्य नाथ सिंह, नंदू सिंह, पुष्पा सिंह, डॉ बीके कुशवाहा, विश्राम मौर्य, अमरजीत मौर्या, राम देव मौर्य, निर्मल सिंह, बी के कुशवाहा, कुसुम सिंह, गौतम कुमार सिंह, सुनील कुशवाहा, गणेश सोनी, रेखा सिंह, राधिका देवी व अन्य स्वजाति लोग उपस्थित रहे।
