

मादक पदार्थों पर ऑपरेशन शुद्धि के तहत बड़ी कामयाबी
सोनभद्र में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रॉबर्ट्सगंज थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में उड़ीसा से वाराणसी ले जाया जा रहा 86 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया है। गांजे की कीमत करीब 43 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बिना नंबर प्लेट की किआ कार समेत तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामदगी की कुल कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई गई है। खास बात यह है कि तस्कर गांजे की इस बड़ी खेप को कार में छिपाकर ले जा रहे थे, लेकिन सोनभद्र पुलिस की सघन चेकिंग के दौरान उनकी पूरी योजना धरी की धरी रह गयी। रॉबर्ट्सगंज थाना पुलिस, चौकी लोंढी, चौकी चुर्क और एसओजी/सर्विलांस टीम की संयुक्त टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक बिना नंबर प्लेट की किआ कार संदिग्ध नजर आई। पुलिस टीम ने कार को रोककर तलाशी ली तो उसके अंदर छिपाकर रखी गई गांजे की बड़ी खेप बरामद हुई।
पुलिस के मुताबिक कार से चार प्लास्टिक की बोरियां बरामद हुईं, जिनमें कुल 35 बंडल बनाकर 86 किलो अवैध गांजा रखा गया था। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 43 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की किआ कार की कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 680 रुपये नगद भी बरामद किए हैं। इस तरह बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने मौके से भोजपुर बिहार के रहने वाले राजकुमार पासवान, विकास कुमार राय और विनोद साव को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उड़ीसा से गांजा लाकर वाराणसी पहुंचाने की योजना थी। पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि गांजे की खेप पहुंचाने के एवज में आरोपियों को अलग-अलग रकम दी जाती थी और पूरे नेटवर्क में वाहन तथा रास्ते की जानकारी साझा करने के साथ ऑनलाइन माध्यम से पैसों के लेनदेन की बात भी सामने आई है।
पुलिस अब सिर्फ गिरफ्तार तस्करों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यानी सोनभद्र में पकड़ी गई 86 किलो गांजे की यह खेप महज एक बरामदगी नहीं, बल्कि उड़ीसा से वाराणसी तक फैले अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क तक पहुंचने का अहम सुराग मानी जा रही है।
