संचारी रोगों के खिलाफ डीएम ने सड़क पर उतर संभाली कमान,पूरे एक महीने चलेगा अभियान।

स्वच्छता, जलजमाव की रोकथाम और समय पर उपचार के लिए किया जागरूक।

12 अक्टूबर से शुरू होगा घर-घर दस्तक अभियान, संभावित रोगियों की होगी पहचान।

जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तृतीय चरण का शुभारम्भ आज जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने ग्राम मारकुण्डी से किया। अभियान के शुभारम्भ अवसर पर जिलाधिकारी ने औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रहते हुए स्वयं गांव की गलियों में पैदल भ्रमण किया और ग्रामीणों से सीधा संवाद कर स्वच्छता एवं संचारी रोगों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि घरों के आसपास पानी का ठहराव न होने दें तथा नियमित रूप से साफ-सफाई रखें। उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया सहित मच्छरजनित एवं जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए घर और आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से कहा कि बुखार अथवा बीमारी के अन्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जांच एवं उपचार कराएं। जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 01 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य संबंधित विभागों की टीमें गांव-गांव पहुंचकर डेंगू, मलेरिया सहित वेक्टर जनित एवं जलजनित रोगों से बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी। अभियान के दौरान घर-घर जाकर साफ-सफाई, जलजमाव की रोकथाम, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा बुखार की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। जनपद के चिन्हित उच्च जोखिम वाले ग्रामों में विशेष रूप से जन-जागरूकता, साफ-सफाई एवं जलजमाव की रोकथाम से संबंधित गतिविधियां संचालित की जाएंगी। दस्तक अभियान 12 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। इसके तहत आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर बुखार, कुष्ठ, क्षय रोग, फाइलेरिया एवं आईएलआई के संभावित रोगियों की पहचान की जाएगी तथा उनकी सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आभा आईडी के सृजन की कार्यवाही भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने अभियान से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को प्रभावी एवं परिणामपरक ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल विभागीय प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आमजन की सहभागिता भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई, जलजमाव की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने की गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
अभियान के शुभारम्भ अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमेश कुमार मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेमनाथ, बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल पाण्डेय, खण्ड विकास अधिकारी लालजी शुक्ला, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी डी.एन. श्रीवास्तव, मलेरिया निरीक्षक पी.के. सिंह, वीबीडी कन्सल्टेन्ट कुमार शुभम, अधीक्षक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डॉ. गुरूप्रसाद मौर्य, बीपीएम शिखा श्रीवास्तव, बीसीपीएम अमरनाथ यादव, एडीओ पंचायत प्रवीन सिंह, ग्राम विकास अधिकारी बृजेश सिंह, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सूरज यादव, एएनएम अनुसुइया पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता एवं सफाईकर्मी उपस्थित रहे।

आगे पढ़ें