तस्करी कर दिल्ली जा रहे 1.10 करोड़ का 220 किलो गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार। डीसीएम में मोडिफिकेशन करके बनाया गया था गुप्त केबिन।

सोनभद्र। पुलिस को नशे के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने वाहन चेकिंग के दौरान एक डीसीएम ट्रक से करीब 220 किलो गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये बताई जा रही है, जबकि करीब 10 लाख रुपये कीमत के डीसीएम को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। यानी पुलिस ने कुल करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये की बरामदगी की है। खास बात यह है कि तस्करों ने गांजे को छिपाने के लिए डीसीएम में बाकायदा हिडन केबिन बना रखा था। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने इससे पहले भी गांजे की खेप दिल्ली पहुंचाने की बात कबूल की है। टोल पर्चियों की जांच से भी पुलिस को इसकी पुष्टि हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है, जबकि पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

क्या है मामला

राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान डीआर ड्रीम्स होटल के पास एक संदिग्ध डीसीएम ट्रक को रोककर तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान ट्रक में बनाए गए हिडन केबिन से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजे का वजन कराया तो कुल मात्रा करीब 220 किलो निकली।पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ दस लाख रुपये है। इसके अलावा करीब दस लाख रुपये कीमत के डीसीएम ट्रक को भी पुलिस ने बरामद किया है।मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।

बोले अधिकारी

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह गांजे की खेप उड़ीसा से दिल्ली ले जाया जा रहा था । इससे पहले भी गांजे की खेप दिल्ली पहुंचाने की बात बताई है। पुलिस ने जब आरोपियों के रूट से जुड़ी टोल पर्चियों की जांच की तो इससे भी आरोपियों के दावे की पुष्टि हुई।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके पीछे इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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