पर्यावरण बचाने को हजारो की संख्या में सीड बॉल का प्रक्षेपण, बढ़ेगी हरियाली।

मुकेश कुमार मोदनवाल की खास रिपोर्ट

पर्यावरण बचाने को हजारो की संख्या में सीड बॉल का प्रक्षेपण, बचेगी हरियाली।

डाला। सर्वाधिक वन क्षेत्र वाले जिले का खिताब अपने पास रखने वाले सोनभद्र में घटते वन की सुरक्षा के लिये पर्यावरण प्रेमी आगे आये। पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अरण्यक फाउंडेशन की ओर से कोटा ग्राम में सीड बॉल थ्रो अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी करते हुए करीब 20 हजार सीड बॉल विभिन्न स्थानों पर थ्रो किए।फाउंडेशन की ओर से चलाए गए अभियान का संदेश “एक कदम बदलाव की ओर” रहा। सीड बॉल के माध्यम से ऐसे खाली एवं उपेक्षित क्षेत्रों में प्राकृतिक रूप से पौधों के विकास को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया, जहां पारंपरिक तरीके से पौधरोपण करना कठिन होता है।कार्यक्रम में जिला प्रशासन एवं उपजिलाधिकारी ओबरा का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। ग्रामीणों की सहभागिता से अभियान को व्यापक रूप मिला। इस दौरान लोगों को पर्यावरण संरक्षण, पौधों की देखभाल तथा प्राकृतिक संसाधनों के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। आरण्यक फाउंडेशन का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से जिले में हरियाली बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। संस्था ने कहा कि सीड बॉल जैसी पहल प्राकृतिक रूप से पौधों के विकास को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो सकती है। अभियान में शामिल ग्रामीणों एवं स्वयंसेवकों ने पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चेतना सिंह ने बताया कि संस्था के यह दूसरा सीड बॉल प्रक्षेपण कार्यक्रम रहा इससे पूर्व भी आबाड़ी, हाथीनाला, गुरमुरा व आसपास के उपेक्षित खाली वन क्षेत्रों वाले स्थानों पर सीड बॉल का प्रक्षेपण किया गया था जिसका अब सफल परिणाम देखने को मिल रहा है। अभियान को सफल बनाने में शशांक शेखर सिंह, पवन सिंह, वैभव सिंह, हिमांशु वर्मा, सृष्टि सिंह, मानसी सिंह और कृतिका पाण्डेय समेत आरण्यक फाउंडेशन की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फाउंडेशन ने अभियान में सहयोग के लिए जिला प्रशासन, उप जिलाधिकारी रवि कुमार,समाजसेवी अनिल सिंह, कोटा ग्रामवासियों और सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। संस्था ने कहा कि जनभागीदारी और प्रशासन के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को आगे भी व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा।

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