सोनभद्र में 65 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित।

  • मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजन

सोनभद्र। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार कक्ष में 65 क्षय रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। यह कार्यक्रम प्रातः 11 बजे आयोजित किया गया।

माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय, मिर्जापुर के कुलपति प्रो. शोभा गौड़ तथा रजिस्ट्रार श्री राम नारायण सिंह के सौजन्य से इन पोषण पोटलियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश मिश्रा, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रेम नाथ, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कीर्ति आज़ाद बिंद तथा संत कीनाराम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल सिंह उपस्थित रहे। सभा का संचालन श्री विमल कुमार सिंह ने किया।

डॉ. प्रेम नाथ ने उपस्थित रोगियों को क्षय रोग से बचाव तथा दवाइयों के नियमित सेवन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज और नियमित दवा से रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। रजिस्ट्रार श्री राम नारायण सिंह ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल महोदया की प्रेरणा से चल रहे इस अभियान की सराहना की और कहा कि सरकार जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर प्रयास कर रही है।

डॉ. गोपाल सिंह ने पोषण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पौष्टिक आहार महंगी चीजों में ही नहीं, बल्कि घर में उपलब्ध देशी सामग्रियों में भी भरपूर मात्रा में मौजूद है। उन्होंने आमला, गुड़, भुना चना, सत्तू तथा अन्य प्रोटीन युक्त पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी। इस अवसर पर क्षय रोग नियंत्रण विभाग के कर्मचारी एवं अन्य चिकित्सक भी मौजूद रहे।

जिला क्षय रोग अधिकारी ने जनसामान्य को जागरूक करते हुए बताया कि लगातार तीन सप्ताह से अधिक खांसी, खांसी में बलगम या खून आना, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, रात में पसीना आना, बुखार, ठंड लगना, वजन घटना तथा भूख न लगना क्षय रोग के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे किसी भी व्यक्ति को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर निःशुल्क जांच एवं इलाज के लिए संपर्क करना चाहिए।

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