जंगल में बेखौफ खैर कटान, तस्करों ने आधा दर्जन से अधिक पेड़ काटे।

म्योरपुर से बीएलएस की रिपोर्ट

कुसम्हा-मनबसा और बगइया नार के जंगलों में सक्रियता का आरोप, रविवार की रात टेंपू से लकड़ी बाहर भेजने की सूचना।

म्योरपुर। स्थानीय वन रेंज क्षेत्र के कुसम्हा-मनबसा के बीच जंगल और बगइया नार के जंगलों में खैर के पेड़ों की अवैध कटान और कथित तस्करी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और चरवाहों का आरोप है कि जंगल से खैर के पेड़ काटकर लकड़ियों को किसी गुमनाम स्थान पर एकत्र किया जाता है और बाद में टेंपू या पिकअप के माध्यम से बाहर भेजा जाता है।ग्रामीणों के अनुसार, कथित तस्कर स्थानीय युवाओं को मजदूरी और अन्य प्रलोभन देकर पेड़ कटवाते हैं। बताया गया कि रविवार की रात करीब दस बजे दो टेंपू से खैर की लकड़ी के बोटे बाहर भेजे गए। ग्रामीणों का दावा है कि सितंबर माह में ही आधा दर्जन से अधिक खैर के पेड़ काटे जा चुके हैं, लेकिन वन विभाग को इसकी जानकारी नहीं हो सकी।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग को सूचना देने पर कई बार सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम बड़े ही रहस्यमयी रूप से पेड़ काटने वालों तक पहुंच जाता है, जिससे विवाद और मारपीट की स्थिति बनती है। कुछ ग्रामीणों ने पत्रकारों को भी झूठे एससी/एसटी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया, जिससे अवैध कटान की खबरें सामने लाने में भय का माहौल बना हुआ है।लगातार पेड़ों की कटान से जंगल के उजड़ने के साथ पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर अवैध कटान और तस्करी पर रोक लगाने की मांग की है।इस संबंध में म्योरपुर रेंज केरेंजर जबर सिंह ने बताया कि टीम भेजी गई है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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