13 साल से लापता युवक बनकर परिवार को ठगने वाला गिरोह बेनकाब, 4 गिरफ्तार।

मुकेश कुमार मोदनवाल

चोपन। स्थानीय थाना क्षेत्र में 13 साल से लापता युवक के नाम पर एक परिवार से भावनात्मक रिश्ता जोड़कर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साधु के वेश में पहुंचे आरोपियों ने खुद को परिवार का लापता बेटा बताकर पहले भरोसा जीता और फिर इलाज, पूजा-पाठ और अंधविश्वास का सहारा लेकर लाखों रुपये ऐंठने की कोशिश की। लगातार बढ़ती मांग और संदिग्ध गतिविधियों से परेशान परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद चोपन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ऐसे परिवारों की तलाश करते थे, जिनका कोई सदस्य लंबे समय से लापता हो और फिर उसी की पहचान बताकर परिवार तक पहुंचते थे। मामला चोपन थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां रामसूरत साहनी के साले का बेटा करीब 13 वर्षों से लापता है। नाग पंचमी के मौके पर दो व्यक्ति साधु के वेश में मध्य प्रदेश के सिंगरौली जनपद के गढ़वा थाना क्षेत्र स्थित पीपरझगर पहुंचे और परिवार से संपर्क कर खुद को 13 साल से लापता युवक बताया। आरोपियों ने परिवार के लोगों से रिश्तेदारों और पुराने घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी जुटाकर भरोसा जीतने की कोशिश की।
इसके बाद परिवार को विंध्याचल बुलाया गया, जहां आरोपियों ने कथित युवक को परिवार का बेटा साबित करने के लिए उसके शरीर पर मौजूद बताए जा रहे निशान भी दिखाए। कुछ समय बाद कथित युवक ने गुरु की आज्ञा का हवाला देते हुए घर जाने से इनकार कर दिया और दक्षिणा एवं भंडारे के नाम पर रुपये की मांग शुरू कर दी।
आरोपियों ने परिवार से पहले 6 लाख रुपये की मांग की। रुपये नहीं देने पर परिवार में गंभीर बीमारी और पूरी तरह बर्बाद होने जैसी बातें कहकर डर और अंधविश्वास का माहौल बनाया गया। इसके बाद मांग घटाकर 5 लाख रुपये कर दी गई। परिवार ने रुपये जुटाने के लिए पशु, मकान और जमीन तक गिरवी रखने की बात कही, जिसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर बुलाकर लगातार रुपये मांगने शुरू कर दिए।
मामला यहीं नहीं रुका। परिवार के एक सदस्य को कथित युवक के खाते में एक लाख रुपये भेजने को कहा गया और परिवार की ओर से एक लाख रुपये भेज भी दिए गए। इसके बाद आरोपियों ने फिर एक लाख रुपये से अधिक की मांग करते हुए गुरु को दक्षिणा देने का हवाला दिया। लगातार बढ़ती मांग और संदिग्ध गतिविधियों से परेशान परिवार ने चोपन पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करते हुए गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि गिरोह लंबे समय से ऐसे परिवारों को अपना निशाना बनाता था, जिनका कोई बेटा, बेटी या अन्य परिजन लंबे समय से लापता हो। इसके बाद गिरोह के सदस्य साधु अथवा अन्य वेश धारण कर परिवार तक पहुंचते और भावनात्मक दबाव बनाकर रुपये की मांग करते थे। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व की घटनाओं की भी जानकारी जुटा रही है।

बोले अधिकारी

मामले की जानकारी देते हुए सोनभद्र पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि चोपन पुलिस ने 13 साल से लापता युवक बनकर परिवार को भावनात्मक रूप से फंसाने और अंधविश्वास का सहारा लेकर लाखों रुपये ऐंठने की तैयारी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे लंबे समय से ऐसे परिवारों की तलाश करते थे, जिनके परिजन लापता हों और फिर साधु अथवा अन्य वेश धारण कर उनके घर तक पहुंचकर खुद को लापता परिजन बताते थे। इसके बाद भावनात्मक दबाव बनाकर रुपये की मांग की जाती थी। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के क्राइम रिकॉर्ड की भी जांच कराई जाएगी और अगर इनके खिलाफ पूर्व में इस तरह के अपराध मिलते हैं तो इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह गिरोह अन्य स्थानों पर भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। मामले के सफल अनावरण के लिए पुलिस टीम को दस हजार रुपये का इनाम देने की बात भी पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कही है।

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